Bhilwara Me Ghumne ki Jagah | भीलवाड़ा में घूमने की जगह | Top 10 Best Places To Visit In Bhilwara In Hindi

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Bhilwara In Hindi, दोस्तों इस Article में जानेंगे राजस्थान के Bhilwara District, Bhilwara me Ghumne ki Jagah के बारे में, और साथ ही जानेंगे प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में और वहां तक कैसे पहुंचे और भीलवाड़ा में घूमने का उचित समय आदि के बारे में-

भीलवाड़ा भारतीय राज्य राजस्थान का एक छोटा सा शहर है जिसे भारत में कपड़ा उद्योग के रूप में भी जाना जाता है। भीलवाड़ा शहर लगभग 900 साल पुराना है और इसे राजस्थान का सबसे पुराना शहर भी कहा जाता है। यह राजस्थान के हरित शहरों में सूचीबद्ध होने वाला पहला शहर है।

राजस्थान के एक खूबसूरत पर्यटन स्थल भीलवाड़ा शहर का नाम भीलवाड़ा रखने के बाद दो अलग-अलग कहानियां सुनने को मिलती हैं। भीलवाड़ा शहर में बिल नामक एक जनजाति रहती थी। यह भी माना जाता है कि भील जनजाति ने सदी के मध्य में इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था।

राजस्थान के सबसे पुराने शहरों में जाना जाने वाला शहर है भीलवाड़ा। करीब 900 साल पुरानें इस शहर में कई खूबसूरत पर्यटक स्थल है, यह राजस्थान का एक छोटा सा शहर है जो हरित शहरों की सूची में पहले नंबर पर शामिल हैं। इसके साथ ही भीलवाड़ा राजस्थान के सबसे पुराने शहरों में से एक है।

भीलवाड़ा का इतिहास – Bhilwara History In Hindi

भीलवाड़ा का इतिहास 11वीं शताब्दी से संबंधित है और उस समय भील राजाओं ने जटाऊ शिव मंदिर का निर्माण करवाया हालांकि, इस जगह की स्‍थापना की असल तारीख और समय का अब तक पता नहीं चल पाया है। किवदंती है कि इस शहर का नाम यहां की स्‍थानीय जनजाति भील के नाम पर पड़ता है जिन्‍होंने 16वीं शताब्‍दी में अकबर के खिलाफ मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप की मदद की थी। तभी से इस जगह का नाम भीलवाड़ा पड़ गया। 1948 में राजस्थान का भाग बनने से पूर्व भीलवाड़ा भूतपूर्व उदयपुर रियासत का हिस्सा था। भीलवाङा का नामकरण भील राजा भलराज के नाम पर हुआ।

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भीलवाड़ा में घूमने की जगह- Places to visit in Bhilwara

भीलबाड़ा भारत के राजस्थान राज्य का एक प्रमुख पर्यटक स्थल है और यहां पर कई प्रमुख पर्यटक स्थल हैं, जहां आप घूमने जा सकते हैं। तो आइए हम आपको यहां के पर्यटक स्थलों की जानकारी नीचे देते हैं।

  1. बदनोर फोर्ट – Badnore Fort
  2. क्यारा के बालाजी – Kyara Ke Balaji Mandir
  3. मंडल – Mandal In Hindi
  4. हरणी महादेव मंदिर – Harni Mahadev Temple In Hindi
  5. शक्ति पीठ – Shakti Peeth In Hindi
  6. धनौप माता जी मंदिर – Dhanop Mataji Mandir
  7. श्री चारभुजा नाथ मंदिर – Shri Charbhujanath Mandir
  8. बागोर साहिब गुरुद्वारा – Bagore Sahib Gurudwara
  9. चामुंडा माता का मंदिर – Chamunda Mata Mandir
  10. मिनाल वॉटरफॉल – Menal Waterfall
  11. गणेश मंदिर दर्शन – Ganesh Temple
  12. त्रिवेणी चौराहा घूमने जाये – Triveni Chauraha
  13. बिजोलिया पर्यटन – Bijoliya Tourism
  14. तिलस्वा महादेव मंदिर – Tilaswa Mahadev Temple
  15. शाहपुरा – Shahpura
  16. आसीन्द – Asind City

भीलवाड़ा में घूमने की जगह- Bhilwara me Ghumne ki jagah

1. बदनोर फोर्ट – Badnore Fort

बदनौर किला भीलवाड़ा से 83 किमी की दूरी पर आसींद मे स्थित है। बदनोर किला मध्ययुगीन भारतीय सैन्य शैली की वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह सात मंजिला किला एक पहाड़ी के ऊपर खड़ा है और चारों ओर लुभावनी दृश्य प्रस्तुत करता है। बदनोर किले और उसके आस-पास किले के परिसर के भीतर कई छोटे स्मारक और मंदिर हैं। बदनौर किले भीलवाड़ा के भीतर की इमारतों को वास्तुकला की परंपरागत राजपूताना शैली में बनाया गया है, जो वास्तुकला की व्यापक हिंदू शैली का स्थानीय बदलाव है।

हालांकि बदनौर किला भीलवाड़ा वर्तमान में क्षय की स्थिति में है, लेकिन यह राजस्थान के पूर्व राजपूत शासकों की महिमा और स्थापत्य गौरव का प्रतिनिधित्व करता है। किले के रणनीतिक स्थान ने अपना महत्व बढ़ाया, और किले ने अपने शुरुआती दिनों में कई संघर्षों के लिए एक मूक गवाह के रूप में कार्य किया है।

2. क्यारा के बालाजी – Kyara Ke Balaji Mandir

भीलबाड़ा के दर्शनीय स्थलों में शुमार क्यारा के बालाजी पवन पुत्र हनुमान जी महाराजा को समर्पित एक आकर्षित मंदिर है। क्यारा के बालाजी के दर्शन करने के लिए पर्यटक यहां के अन्य मंदिर बीदा के माताजी मंदिर, पटोला महादेव मंदिर, घाट रानी मंदिर और नीलकंठ महादेव मंदिर जैसे अन्य स्थानों पर भी जा सकते हैं और क्यारा के बालाजी का दर्शन कर सकते हैं।

क्यारा के बालाजी का मंदिर पवन पुत्र हनुमान जी को समर्पित है, जो कि भीलबाड़ा के दर्शनीय स्थलों में शुमार हैं। इसके अलावा यहां पर घाट रानी मंदिर, बीदा के माताजी मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर और पटोला महादेव मंदिर भी देखने योग्य है। आप यहां आ कर इन मन्दिरों के भी दर्शन के सकते है।

3. मंडल – Mandal

भीलवाड़ा शहर से लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मंडल है जो कि भीलवाड़ा की देखने लायक जगहों में से एक है। इसके साथ ही यहां का जग्गनाथ कच्छवाहा के किला योग्य है, जिसे बत्तीस खंबन की छतरी के रूप में जाना जाता है। इस छत्री में बलुआ पत्थर के बने 32 स्तम्भ लगे हुए हैं। जो कि यह छत्री एक विशाल शिवलिंग को घेरे हुए हैं।

4. हरणी महादेव मंदिर – Harni Mahadev Temple

राजस्थान के डारक परिवार के पूर्वजों द्वारा स्थापित किया गया हरनी महादेव मंदिर भगवान शिव मंदिर को समर्पित हैं। यह दर्शनीय स्थल सुरम्य पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जो कि दर्शनीय स्थल पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध हैं। यह मंदिर शहर से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

5. शक्ति पीठ – Shakti Peeth

भीलबाड़ा में गायत्री शक्ति पीठ देवी शक्ति या सती जोकि हिंदू धर्म की महिला प्रमुख और शक्ति संप्रदाय के मुख्य देवी के रूप में जानी जाती हैं। गायत्री शक्ति पीठ भीलवाड़ा शहर में बस स्टैंड के पास ही स्थित है।

6. धनौप माता जी मंदिर – Dhanop Mataji Mandir

भीलबाड़ा में संगरिया से 3 किलोमीटर की दूरी पर धनौप माता जी का मंदिर एक छोटे से गांव में स्थित है। मंदिर में खूबसूरत संगमरमर के फर्श के साथ काले पत्थर के रूप में देवी शीतला माता (देवी दुर्गा) की मूर्ति स्थापित है। साथ ही मंदिर में रंगीन चमकदार लाल दीवारें और खंभे हैं।

7. श्री चारभुजा नाथ मंदिर – Shri Charbhujanath Mandir

भीलबाड़ा में कई मंदिरों के बीच स्थित है श्री चारभुजा नाथ का मंदिर। भक्तो और पर्यटकों के लिए एक पवित्र स्थान हैं। यह मंदिर भीलबाड़ा के राजसमंद में कोटड़ी तहसील पर स्थित एक बहुत ही सुंदर मंदिर है। और यह मंदिर त्रिलोकीनाथ भगवान विष्णु को समर्पित हैं। जो कि पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं। इस मंदिर के दर्शन के लिए श्रद्धालु यहां दूर-दूर से आते है।

8. बागोर साहिब गुरुद्वारा – Bagore Sahib Gurudwara

भीलबाड़ा का पर्यटक स्थल बागोर साहिब गुरुद्वारा यहां का एक ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। बागोर साहिब गुरुद्वारा मंडल तहसील के बागोर में स्थित हैं जोकि मंडल शहर से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थान सिखों के 10वें गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंह जी की यात्रा का गवाह बना हैं।

9. चामुंडा माता का मंदिर – Chamunda Mata Mandir

चामुंडा माता मंदिर हरणी महादेव की पहाड़ियों पर स्थित है। यहा शीर्ष पर से पूरे शहर का शानदार दृश्य दिखाई देता है है। भीलवाड़ा से केवल 5 किलोमीटर दूर, यदि आप शांत वातावरण चाहते हैं तो यात्रा करने का एक स्थान है।

10. मिनाल वॉटरफॉल – Menal Waterfall

भीलबाड़ा में घूमने लायक जगहों में शुमार मिनाल वॉटरफॉल एक खूबसूरत झरना हैं जहां पर्यटक भारी संख्या में आना पसंद करते हैं। यह भीलवाड़ा-कोटा मार्ग पर स्थित हैं और भीलबाड़ा से लगभग 80 किलोमीटर दूरी पर स्थित हैं। इस खूबसूरत झरने का पानी 150 मीटर ऊंचाई से गिरता हैं और जिससे यहां का एक सुंदर दृश्य दिखाई देता है। मीनल वाटरफाल घूमने के लिए राज्य के सभी कोनों से लोग जुलाई से अक्टूबर के महीने में आते हैं।

11. गणेश मंदिर दर्शन – Ganesh Temple

भीलबाड़ा का यह मंदिर भगवान श्री गणेश मंदिर को समर्पित हैं। और साथ ही गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी को पूरे राजस्थान में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। जिसके चलते यहां यहां गणेश उत्सव में गणेश मेले का भी आयोजन किया जाता है।

12. त्रिवेणी चौराहा – Triveni Chauraha

भीलवाड़ा में घूमने लायक जगह में त्रिवेणी चौराहा शामिल हैं और यह स्थान पर्यटकों के बीच बहुत लौकप्रिय स्थान हैं। त्रिवेणी चौराहा से भीलवाड़ा शहर की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। इसके अलावा बडाला और बनास नदियों के साथ मेनाली नदी का संगम बिंदु भी यही पर हैं। नदी तट के किनारे पर भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन मंदिर स्थापित है। मंदिर की खास बात यह हैं कि यह मानसून के मौसम में पानी डूब जाता हैं।

13. बिजोलिया पर्यटन – Bijoliya Tourism

बिजोलिया शहर भीलवाड़ा में एक जनगणना शहर के रूप में जाना जाता हैं और यहां के श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ अथिषा तीर्थक्षेत्र, बिजोलिया किला और मंदाकिनी मंदिर के लिए पूरे भारत वर्ष में प्रसिद्ध है। बूंदी और चित्तौड़गढ़ मार्ग पर स्थित किले में भगवान शिव का एक आकर्षित मंदिर भी है। भगवान शिव के इस मंदिर को हजारे सवारा महादेव मंदिर के रूप में जाना जाता है।

14. तिलस्वा महादेव मंदिर – Tilaswa Mahadev Temple

भीलवाड़ा के दर्शनीय स्थलों में से एक तिलस्वा महादेव मंदिर बिजोलिया शहर से लगभग 15 किमी की दूरी पर स्थित हैं। यहां स्थित चार मंदिरों में से सबसे प्रमुख मंदिर सर्वेश्वर (भगवान शिव) को समर्पित है। इन मंदिरों का निर्माण लगभग 10वीं और 11वीं शताब्दी में किया गया था। मंदिर परिसर में एक मठ, एक कुंड और एक तोरण भी है।

15. शाहपुरा – Shahpura

भीलबाड़ा में घूमने लायक स्थानों में यहां का शाहपुरा शहर भी प्रसिद्ध हैं। शाहपुरा और भीलवाड़ा के बीच की दूरी लगभग 55 किलोमीटर हैं। शाहपुरा में एक पवित्र मंदिर हैं जोकि राम द्वार के नाम से प्रसिद्ध हैं। देश भर के तीर्थयात्री इस तीर्थस्थल पर साल भर आते हैं। फूल डोल के नाम से प्रसिद्ध यहां का वार्षिक मेला फाल्गुन शुक्ल (मार्च-अप्रैल) में पांच दिनों के लिए लगता हैं।

16. आसीन्द – Asind City

भीलबाड़ा का दर्शनीय स्थल आसीन्द शहर में अपने आकर्षित मंदिरों के लिए जाना जाता है। यह बाग राव के सबसे बड़े पुत्र सवाई भोज द्वारा निर्मित किया गया था जोकि खारी नदी के बाएं किनारे पर स्थित है।

भीलबाड़ा में रेस्तरां और स्थानीय भोजन – Restaurants And Local Food In Bhilwara

राजस्थानी थाली एक अनूठा अनुभव है कि भरतपुर आते समय पर्यटकों को कम से कम एक बार भोजन करना चाहिए। एक राजस्थानी थाली भोजन की एक थाली है जिसमें विभिन्न व्यंजन शामिल होते हैं जो एक साथ एक संपूर्ण भोजन बनाते हैं। एक थाली में नमकीन के साथ-साथ मीठे विकल्प, तला हुआ भोजन, चावल के विकल्प और दाल, सब्जियां और करी के साथ रोटियां भी होती हैं।

एक राजस्थानी थाली में विभिन्न रोटियां, दाल बट्टी चूरमा, मूंग दाल, गट्टे की सब्जी, पंचमेला दाल, केर सांगरी, पापड़ की सब्जी सहित अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं। राजस्थानी व्यंजन विभिन्न प्रकार की सब्जियों से बने विभिन्न प्रकार के अचार के लिए भी जाना जाता है जो राजस्थानी थाली का हिस्सा हैं। इसमें इमरती, मूंग दाल का हलवा और मालपुआ जैसी अन्य मिठाइयों में मिठाइयाँ भी शामिल हैं।

भीलबाड़ा घूमने जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit In Bhilwara

आप यदि राजस्थान के आकर्षित शहर भीलबाड़ा जाने का प्लान बना रहे हैं, तो हम आपको बता दें कि भीलबाड़ा जाने के लिए सबसे बेस्ट टाइम अक्टूबर से मार्च महीने तक का माना जाता हैं। मानसून का मौसम भी अच्छा हैं लेकिन बारिश के चलते आपको यहां के प्रमुख पर्यटक स्थलों पर जाने में कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैं। इसके विपरीत यदि हो सके तो गर्मियों में यहा जाने से बचे क्योंकि आपके लिए गर्मी का मौसम और धूप अधिक कष्टदायक हो सकती हैं।

भीलबाड़ा कैसे पहुंचे – How To Reach Bhilwara In Hindi

राजस्थान राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थल में से एक भीलबाड़ा जाने के लिए आप हवाई मार्ग, ट्रेन और सड़क मार्ग में से किसी का भी चुनाव कर सकते है। तो आप अपनी सुविधानुसार अपने लिए यात्रा के वाहन का चुनाव भी कर सकते हैं।

फ्लाइट से भीलबाड़ा कैसे पहुंचे – How To Reach Bhilwara By Flight

फ्लाइट से भीलबाड़ा कैसे पहुंचे - How To Reach Bhilwara By Flight In Hindi

भीलवाड़ा जाने के लिए सबसे निकटतम हवाई अड्डा उदयपुर में स्थित है, जोकि भीलबाड़ा से लगभग 165 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। यहाँ हवाई अड्डा नई दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ हैं। उदयपुर हवाई अड्डे से आप बस या टैक्सी के माध्यम से भीलबाड़ा बहुत ही आसानी से पहुंच जायेंगे।

ट्रेन से भीलबाड़ा कैसे पहुंचे – How To Reach Bhilwara By Train

ट्रेन से भीलबाड़ा कैसे पहुंचे - How To Reach Bhilwara By Train In Hindi

भीलबाड़ा जाने के लिए यदि आपने ट्रेन का चुनाव किया है तो हम आपको बता दें की भीलबाड़ा रेल्वे स्टेशन (BHL), शामपुरा (SMPA) देश के प्रमुख रेल्वे स्टेशनों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। तो आप ट्रेन के माध्यम से भी भीलबाड़ा बहुत आसानी से पहुंच जायेंगे।

बस से भीलबाड़ा कैसे पहुंचे – How To Reach Bhilwara By Bus

बस से भीलबाड़ा कैसे पहुंचे - How To Reach Bhilwara By Bus In Hindi

भीलबाड़ा जाने के लिए यदि आपने बस का चुनाव किया हैं तो हम आपको बता दें कि भीलबाड़ा बसों के माध्यम से देश के अन्य प्रमुख शहरो से बहुत अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। तो बस के माध्यम से भी भीलबाड़ा की यात्रा पर जा सकते हैं।

इस आर्टिकल में आपने भीलबाड़ा के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल (Best Places To Visit In Bhilwara in Hindi) को जाना है आपको हमारा ये लेख केसा लगा हमे कमेंट्स में जरूर बतायें।

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